योगी आदित्यनाथ का ऐलान: अगले छह महीने में एक लाख से अधिक युवाओं को मिलेगी नौकरी

जनपत की खबर , 25

लखनऊ में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र वितरित, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और कानून-व्यवस्था को लेकर पिछली सरकारों पर साधा निशाना


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) एवं उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के माध्यम से विभिन्न विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, युवाओं को रोजगार और प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर संबोधन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक प्रदेश में साढ़े नौ लाख युवाओं को नियुक्ति-पत्र दिए जा चुके हैं। उन्होंने घोषणा की कि अगले छह महीने के भीतर एक लाख से कम नहीं, बल्कि उससे अधिक युवाओं को नियुक्ति-पत्र देने की तैयारी है।
उन्होंने कहा, “भर्ती बोर्ड और आयोग जब शासन की किसी राजनीति का शिकार नहीं होते और परीक्षाएं पारदर्शी एवं शुचितापूर्ण तरीके से संपन्न होती हैं, तो परिणाम इसी तरह दिखाई पड़ते हैं।”
### 2017 से पहले की भर्ती व्यवस्था पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में वर्ष 2017 से पहले की भर्ती व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकारों में भर्ती बोर्डों और आयोगों में भाई-भतीजावाद को बढ़ावा दिया गया, जिससे पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित हुई।

उन्होंने कहा कि उस समय युवाओं के सामने पहचान का संकट था और उन्हें रोजगार के लिए पलायन करना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने तत्कालीन सरकारों की कार्यप्रणाली को भ्रष्ट बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की छवि एक बीमारू राज्य के रूप में बन गई थी।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश बीमार नहीं था, बल्कि सरकारों की मानसिकता और कार्यप्रणाली में खामियां थीं।

### भर्ती आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष को लेकर भी टिप्पणी

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष की नियुक्ति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन व्यवस्था में अयोग्य व्यक्ति को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था और बाद में न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की कार्यप्रणाली ने प्रदेश के युवाओं के सामने पहचान का संकट पैदा किया था।

### माफिया और कानून-व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में वर्ष 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उस समय प्रदेश में आए दिन दंगे होते थे और लंबे समय तक कर्फ्यू लगा रहता था।

उन्होंने कहा कि तत्कालीन व्यवस्था में लैंड माफिया, कैटल माफिया और नकल माफिया जैसे तत्वों ने युवाओं की ऊर्जा को नुकसान पहुंचाया। किसानों के हिस्से का लाभ भी बिचौलियों द्वारा हड़पने का आरोप लगाया।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश ने माफिया मुक्त, कर्फ्यू मुक्त और दंगा मुक्त प्रदेश के रूप में पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की पहचान एक उत्सव प्रदेश के रूप में भी बनी है।

मुख्यमंत्री का मुख्य संदेश: सरकार भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और युवाओं को रोजगार देने के अपने दावे के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने अगले छह महीनों में एक लाख से अधिक युवाओं को नियुक्ति-पत्र देने की घोषणा दोहराई।

नोट: पिछली सरकारों, भर्ती व्यवस्था और कानून-व्यवस्था से संबंधित आरोप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन पर आधारित हैं।

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