कल भारत अपना पहला राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस (National Space Day) मनाएगा

जनपत की खबर , 415

लखनऊ।
भारत अपना पहला राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस कल  मनाएगा। यह दिन चंद्रयान-3 मिशन की चंद्रमा की सतह पर सफल लैंडिंग की पहली वर्षगांठ के रूप में मनाया जा रहा है। इस दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दिल्ली में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगी। देश भर में पहले नेशनल स्पेस डे को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। स्कूलों-कॉलेजों में भी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। वहीं भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो ने भी इसके लिए खास तैयारी की है। कल भारत अपना पहला राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस (National Space Day) मनाएगा, ताकि ISRO की  खास उपलब्धियों को याद किया जाए। पिछले वर्ष भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक अविश्वसनीय जीत हासिल की थी, जिससे आप में से ज्यादातर लोग भूल गए होगें। अब इस जानकारी को पढ़ने के बाद आपको वो खास उपलब्धि याद आ गई होगी। जी हां, चंद्रयान-3 की इस दिन हुई खास और सफल लैंडिंग के कारण ही इस दिन राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस (National Space Day) मनाया जा रहा है। बता दें, इस दिवस को मनाने के पीछे मुख्य मकसद युवा पीढ़ी को अंतरिक्ष का ज्ञान देना । साथ ही उन्हें विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में प्रेरित करना है, ताकि भविष्य की पीढ़ी याद रख सके और इस खास उपलब्धि के पीछे की उन्हें वजह पता हो।
14 जुलाई को भारत के चंद्रयान-3 ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन केंद्र से चांद की सतह पर पहुंचने के लिए उड़ान भरी थी। 23 अगस्त 2023 भारत के इतिहास में स्वर्ण पन्नों पर लिखा गया दिन है। क्योंकि इस दिन भारत ने एक ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। इसी दिन भारत के विक्रम लैंडर ने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की थी। बता दें,जिसके बाद भारत विक्रम लैंडर को चांद पर उतारने वाला चौथा देश और दक्षिणी ध्रुव पर लैंड कराने वाला पहला देश बना। जिस पॉइंट पर विक्रम लैंडर को लैंड कराया गया उसे शिव शक्ति पॉइंट कहा जाता है। जिसके बाद प्रज्ञान रोवर चांद की सतह पर भ्रमण कर के वहां की जानकारी हमारे वैज्ञानिकों तक पहुंचाता है।

2024 के लिए राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस का थीम है "Touching Lives while Touching the Moon: India's Space Saga" यानी "चंद्रमा को छूते हुए जीवन को छूना: भारत की अंतरिक्ष गाथा"। जो समाज और प्रौद्योगिकी पर अंतरिक्ष रिसर्च के गहरे प्रभाव पर जोर देता है। इसका उद्देश्य अंतरिक्ष रिसर्च के समाज पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव को उजागर करना है।
केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने बताया कि पहला राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस कल पूरे देश में मनाया जाएगा। इस दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दिल्ली में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगी। उन्होंने बताया कि यह न केवल उत्सव का दिन है, बल्कि भविष्य के लिए चिंतन और योजना बनाने का भी दिन है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था अगले दस साल में पांच गुना बढ़कर लगभग 44 बिलियन डॉलर हो जाएगी। चंद्रयान-3 विक्रम लैंडर की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र में सॉफ्ट लैंडिंग की मान्यता में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाने के लिए कई कार्यक्रमों की योजना बनाई है। प्रदर्शनियों के अलावा, तारामंडल चंद्रमा पर एक कॉन्फ्रेंस और चंद्रयान 3 की रोमांचक यात्रा पर कार्यक्रम की भी योजना बना रहा है। बच्चों के लिए इस अवसर पर पेंटिंग, पिक एंड स्पीक, जिगसॉ पजल और वॉक इन क्विज का भी आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 2024 को विभिन्न प्लेटफार्मों पर लाइव स्ट्रीम किया जाएगा। यह भारत की अंतरिक्ष यात्रा को देखने, उपलब्धियों का जश्न मनाने और भविष्य की उपलब्धियों की आशा करने का एक अनूठा अवसर होगा। इसरो के यूट्यूब चैनल के साथ-साथ डीडी न्यूज पर कार्यक्रम को देखा जा सकता है।

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