श्रावस्ती एयरपोर्ट से इसी माह से हवाई सेवा शुरू होगी
अन्य खबरे Feb 04, 2024 at 10:57 AM , 269श्रावस्ती एयरपोर्ट से इसी माह से हवाई सेवा शुरू होगी
एयरपोर्ट के लिए खत्म होगा 29 सालों का लंबा इंतजार
लखनऊ, नई दिल्ली, वाराणसी के लिए मिलेगी फ्लाइट
प्रयागराज और कानपुर शहर के लिए भी मिलेगी फ्लाइट
नागर विमानन महानिदेशालय ने लाइसेंस जारी किया
प्रधानमंत्री इसी माह विमान सेवा का शुभारंभ कर सकते हैं
पहले चरण में 19 सीटर डोर्नियर 228 विमान उड़ान भरेंगी
श्रावस्ती में एयरपोर्ट बनाने की कवायद 1995 में शुरू हुई थी.
उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। जिले के एयरपोर्ट से इसी माह छोटे हवाई जहाज उ़ड़ान भरने का लाइसेंस जारी कर दिया गया है। बी ते शुक्रवार यानी 2 जनवरी को DGCA के तरफ से एयरपोर्ट को लाइसेंस जारी किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार इस हवाई सेवा का शुभारंभ खुद प्रधानमंत्री करने वाले हैं हालाँकि अभी इसको लेकर कोई आधिकारिक सूचन नहीं आई है। पहले चरण में यहां से 19 सीटर विमान डोर्नियर 228 उड़ान भरेगा। इसमें सबसे खास बात यह है कि इस विमान से आम आदमी भी यात्रा कर सकता है क्योंकि इसके किराए का निर्धारण आम आदमी को देखते हुए किया जाएगा।बता दें, श्रावस्ती से शुरू होने वाली हवाई सेवाएं कुल पांच शहरों के लिए प्रारंभ की जाएंगी। इन पांच शहरों में लखनऊ, नई दिल्ली, वाराणसी, प्रयागराज व कानपुर का नाम शामिल है। ऐसा माना जा रहा है कि इस विमान सेवा के शुरू होने से वहां के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इस पूरे मामले पर मीडिया से बातचीत के दौरान CDO अनुभव सिंह ने बताया कि, “श्रावस्ती एयरपोर्ट से उड़ान सेवा शुरू होने से बलरामपुर, बहराइच, गोंडा के साथ अवध क्षेत्र के अन्य जनपदों के लोगों को फायदा होगा।” वहीँ, दूसरे चरण में इस एयरपोर्ट का विस्तार करने की तैयारी है।गौरतलब है कि श्रावस्ती के अंदर एयरपोर्ट बनाने की कवायद वर्ष 1995 में ही शुरू हो गया था। जिसमे एयरपोर्ट के लिए पहले हवाई पट्टे का निर्माण 22 मई 1997 को शुरू हुआ। इसके बाद वर्ष 2018 में रीजनल कनेक्टिविटी योजना के तहत हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया गया, मगर DGCA से लाइसेंस नहीं मिल सका। आखिरकार लम्बे इंतजार के बाद बीते शुक्रवार को इसके लिए डीजीसीए ने लाइसेंस जारी कर दिया। अब जिले के जनता को बस एयरपोर्ट के शुभारंभ की शुभघड़ी का इंतजार है।



























Comments