पुलिस भर्ती परीक्षा ड्यूटी से शिक्षकों को मुक्त रखने की मांग, जनगणना कार्य प्रभावित होने की जताई आशंका

लखनऊ , 157

प्राथमिक शिक्षक संघ ने जिलाधिकारी और बीएसए को भेजा ज्ञापन, कहा— 90 प्रतिशत शिक्षक जनगणना कार्य में संलग्न

लखनऊ। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, जनपद लखनऊ ने आगामी उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में परिषदीय शिक्षकों और शिक्षिकाओं की कक्ष निरीक्षक ड्यूटी लगाए जाने पर आपत्ति जताते हुए उन्हें परीक्षा कार्य से मुक्त रखने की मांग की है। इस संबंध में संघ ने जिलाधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जनगणना-2027 के महत्वपूर्ण कार्य को देखते हुए शिक्षकों को परीक्षा ड्यूटी से अलग रखने का अनुरोध किया है।
संघ के जिलाध्यक्ष सुधांशु मोहन और मंत्री वीरेंद्र सिंह द्वारा जारी ज्ञापन में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा 8, 9 और 10 जून 2026 को पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा आयोजित की जानी है। वहीं दूसरी ओर देश और प्रदेश में इस समय जनगणना-2027 का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है, जिसमें लखनऊ जनपद के लगभग 90 प्रतिशत से अधिक शिक्षक एवं शिक्षिकाएं विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि यदि बड़ी संख्या में परिषदीय शिक्षकों को पुलिस भर्ती परीक्षा में कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी पर लगाया जाता है, तो लगभग एक सप्ताह तक जनगणना जैसा अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील कार्य प्रभावित हो सकता है। इससे जनगणना की प्रगति पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
शिक्षक संघ ने प्रशासन को यह भी याद दिलाया कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा आयोजित प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) परीक्षा में माध्यमिक, सहायता प्राप्त एवं वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी लगाकर परीक्षा का सफल संचालन कराया गया था। इसी तर्ज पर पुलिस भर्ती परीक्षा में भी अन्य विद्यालयों के शिक्षकों की सेवाएं ली जा सकती हैं, जिससे जनगणना और परीक्षा—दोनों कार्यों का संचालन सुचारु रूप से हो सके।
संघ ने प्रशासन से आग्रह किया है कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य को प्राथमिकता देते हुए परिषदीय शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं को पुलिस भर्ती परीक्षा की ड्यूटी से मुक्त रखा जाए, ताकि दोनों महत्वपूर्ण कार्य बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सकें।

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